Monday, June 8, 2009

आप जैसा कोई, मेरी जिन्दगी में आए



नाजिया हसन के गाए गीत “ आप जैसा कोई, मेरी जिन्दगी में आए” को गजब की लोकप्रियता मिली थी। यह गीत लगातार चौदह सप्ताह तक बिनाका गीत माला की पहली पायदान पर कायम रही। तब नाजिया ‘बात बन जाए गर्ल’ नाम से पहचानी जाने लगी थी।


वे जब पहली दफा भारत आईं तो बंबई के ताजमहल होटल की छठी मंजिल पर अपने परिवार के साथ ठहरी थीं। तब होटल की बालकनी से नीचे झांककर वह आनायास चिल्ला पड़ी थी। नीचे सड़क पर बैंड पर बज रहा था “ आप जैसा कोई”। नाजिया खुशी से झूम उठीं। तब उन्हें बताया गया कि उनके इस गीत ने भारत में कितनी धूम मचा रखी है।

इस गीत ने बिनाका गीत माला में लता के गाए हुए गीत “शीशा हो या दिल हो, आखिर टूट जाता है” को पीछे छोड़ दिया था। जानकर ताज्जुब होगा कि फिल्म कुर्बनी के इस गीत की जब इंग्लैंड में रिकार्डिंग हुई थी, तब नाजिया महज 13 साल की थी। ‘बात बन जाए गर्ल’ केवल 35 वर्ष की उम्र में दुनिया छोड़कर चली गईं।

6 comments:

Udan Tashtari said...

पॉप संगीत के नाम पर हिन्दुस्तान में पहला तहलका जैसा था यह गीत!!

ravishndtv said...

सचमुच तहलका था यह गाना। मज़ा आता था। सुना भी देते तो और बढ़िया होता।

AlbelaKhatri.com said...

24 track me record kiya gaya yah gana firoz khan ki sadaiv yaad taaza rakhega.......

nisha said...

यह जानकारी नहीं थी नाजिया हसन नहीं रहीं। लेकिन, जब छोटी थी तो इस गाने को खूब गाया करती थी। आज भी जब इस गाने को सुनती हूं तो बचपन याद आता है। हालांकि, इस गीत के बारे में कुछ भी नहीं मालूम नहीं था। मैंने कुर्बानी भी देखने का मौका नहीं मिला है।

गिरीन्द्र नाथ झा said...

अभी भी सुनकर मन मस्त हो जाता है। कभी कबी लगात है कि कुछ लोग ऐसे होते हैं जो काफी कम समय में ही समाज पर गहरी छाप छोड़कर सभी को तन्हा कर देते हैं।

नाजिया हसन इसी श्रृंखला में आतीं हैं।

Manish Kumar said...

Mujhe bhi us binaka geet mala ko sunne ka saubhagya prapta hua tha. Qurbani ka Laila O Laila aur usmein Amzad khan ka kaha jane wala Qubuk qubuk bhi tab khasa lokpriya hua tha