Monday, January 4, 2010

वादी में पहली बर्फबारी


ये दिन क्या आए
लगे फूल खिलने
बसंती-बसंती
हुए सारे सपने

1 comment:

रंजना [रंजू भाटिया] said...

मुबारक हो ..सपने यूँ ही बसंती रहे